रंगों की जुबान – मीतू चोपड़ा

कुछ ऐसी है रंगों की बोली,चाहे हों रंक या हो सिंह हर कोई,गाता इसका गान। लाल रंग से मन की इच्छाएं,आसमान तक पहुँच जाती है,क्या जादू है इस रंग की बोली में,एक कन्या को जैसे नये रंग मे डाल देता है,कोई क्या ही इसकी परिभाषा को दोस्तों,हर किसी इसकी तरफ खींचा चला आता है। पिला […]

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